STORYMIRROR

Kumar Ritu Raj

Children Stories Classics Children

4  

Kumar Ritu Raj

Children Stories Classics Children

अभी तो पंख पसारे हैं

अभी तो पंख पसारे हैं

1 min
213

अभी तो पंख पसारे हैं  

अभी ना मुझको टोकिए


 बस एक दो कदम चले

फिर चाहे तू है जो किए


 चाहे राह मेरी मोड़ दे

चाहे मंजिलों में रोड़ दे


 चाहे अड़चने बने है तू

चाहे विघ्न बन के तू मिले


 हर वार सह जाऊंगा मैं

 चाहे तू है जो जो किए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन