STORYMIRROR

Aradhana Kanchan

Abstract

3  

Aradhana Kanchan

Abstract

भूल जाना सीख लो

भूल जाना सीख लो

1 min
302

खुश रहना है तो भूल जाना सीख लो

हंसना सीखना है तो अकड़ भुलाना सीख लो।


संतोष चाहिए तो शिकायतें भुलाना सीख लो

दुख मिटाना है तो पुराने घाव भुलाना सीख लो।


भूत भुला के वर्तमान में जीना सीख लो

कभी तारीफ पानी है तो पुरानी

आलोचना भुलाना सीख लो।


आदर पाना है तो दूसरों की कमियां

भुला फर्ज निभाने सीख लो

अपनापन चाहिए तो दूसरों की

कभी की गई बेरुखी भुलाना सीख लो।


शांति चाहिए तो अंतर्मन की

उथल पुथल भुलाना सीख लो

खुश रहना है तो भूल जाना सीख लो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract