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jagjit singh

Abstract

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jagjit singh

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भागना मना है

भागना मना है

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देखो, सिम्पल सी बात है,

जब तक एक स्त्री का पास सुंदरता है,

मर्द पीछे पड़ेंगे, 


जब तक छत्ता में शहद है,

मधु मक्की आते ही रहेंगे, 

जब तक खरगोश और हिरन को

नुकीली दांत और नाखून नहीं आते,


मांसाहारी जानवर आक्रमण करते ही रहेंगे, 

जब तक डरना था डर लिए,

यही तो सिखाया गया, 


कोई आके शस्त्र नहीं देंगे,

उठो, खुद बनाओ, और अब से,

प्रयोग करो, वो जो काला मेघ था,

असली नहीं थे, 

देखना खरगोश भी जीतेगा और हिरण भी।


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