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Antima srivastava

Abstract

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Antima srivastava

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बेवफाई प्यार की

बेवफाई प्यार की

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देकर के चैन तुझको।

मैंने बेचैनियाँ खरीदी।।

लेकिन ओ जुल्मी तूने।

कद्र मेरी ना की जरा सी।।


ओ छोड़ के जाने वाले।

खुश ना रहेगा तू भी।।

जब याद आयेंगी मेरी वफायें।

आँसू बहायेगा तू भी।।


गुजरे थे जिन रास्तों से।

वो गलियाँ पूछ लेंगी।।

क्यों बेवफाई करके।

रोता है आज तू भी।।


जिन हाथों को तूने छोड़ा।

वो हाथ दुआ माँगें।।

चाहे जहाँ रहे तू।

खुशियाँ तेरी ही माँगे।।


मेरा है क्या मैं जी लूँगी।

तेरी याद के सहारे।।

तू मेरा नहीं था शायद।

अलग थे रास्ते हमारे।।


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