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Renuka Singh

Classics

3  

Renuka Singh

Classics

बेटियां

बेटियां

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  सुंदर उपहार होती है बेटियां

  गले का हार होती है बेटियां

           हर दिल अज़ीज़ होती है बेटियां

          मासूम सी मुस्कान होती है बेटियां।


घर आंगन की शान होती है बेटियां

दिल का सुकू होती है बेटियां

       खिलखिलाती कली सी होती है बेटियां

       अल्हड़ मुस्कान होती है बेटियां।


हर घर की पहचान होती है बेटियां

माँ बाप का अभिमान होती है बेटियां 

       क्यों फिर भी बोझ होती है बेटियां

      पेट मे क्यों मसली जाती है बेटियां।


आने से क्यों रोकी जाती है बेटियां

पंखों से क्यों काटी जाती है बेटियां

       जीने दो हमको ये कहती है बेटियां

      बेटो से कम नही होती है बेटियां।


नाम रोशन भी तो अब करती है बेटियाँ

सारे जहाँ से प्यारी होती है बेटियां।


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