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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

बेटी

बेटी

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बेटी लक्ष्मी होती है

बेटी मासूम होती है

बेटी प्यारी होती है

बेटी दयालु होती है


बेटी परी होती है

बेटी सरस्वती होती है

बेटी हीं तो दुर्गा है

बेटी परिस्थिति बदले तो

काली हो जाती है


बेटी घर की मेहमान है

बेटी अपने घर का

होते हुए भी

किसी और के घर की शान है

बेटी दो घरों के बीच


मधुर सामंजस्य बैठा लेती है

बेटी बेटी होती है।


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