STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

बेटा या बेटी एक समान

बेटा या बेटी एक समान

1 min
525

आज भी बेटा और बेटी में भेदभाव है, 

बेटा आज भी बेटी से बहुत ज़रूरी है। 


कुछ माता-पिता भेदभाव बहुत करते, 

बेटे की चाह में बेटी की हत्या है करते। 


दुनिया आधुनिक बहुत ज़्यादा हो गई, 

पर दोनों में भेदभाव कम नहीं हुआ है। 


उसकी हँसी सदा चाहे हो बेटा या बेटी, 

दोनों को स्वस्थ प्रसन्न देखकर है सुखी।

 

माता पिता सबकुछ भूल जाते ही सदा, 

चाहे ख़ुशी हो या हो ग़म या तकलीफ़।


तो कभी भेदभाव लिंग का करना नहीं,

बेटा या बेटी एक समान समझना यही।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract