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Apeksha Diyora

Tragedy

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Apeksha Diyora

Tragedy

बदलता वक़्त

बदलता वक़्त

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रेत सा था वो

जो हाथ से फिसल गया

कोई है जो बदल गया ।

समय के पहलू जैसे

फिर से पलट गया

कोई है जो बदल गया ।

वादे की तो बात मत पूछो

वो तो अपनी बातों से भी मुकर गया

कोई था जो बदल गया।

हम उसको सच्चा मोती समझे

वो मिट्टी का ढेर पल में मिट गया

कोई था जो बदल गया।

जो हुआ अच्छा हुआ

एक बुरा वक्त था जो बीत गया

था वो कौन जो बदल गया?


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