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PRATAP CHAUHAN

Abstract Inspirational Thriller

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PRATAP CHAUHAN

Abstract Inspirational Thriller

बचपन के मित्र

बचपन के मित्र

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यह जो हम एक साथ खड़े हैं,

हम सब बचपन के मित्र हैं।

यह  फ्रेम बता रहा है कि,

हम सच्चे प्रेम के एक चित्र हैं।

अकेले जाना हमें अच्छा नहीं लगता,

हम जहां जाते हैं साथ जाते हैं।

एक बार जब सब मिलते हैं तो,

हर जगह रंगीन महफिल सजाते हैं।


यह जो रंगीन लिबास में देख रहे हो,

हम एक साथ खड़े हैं पक्के मित्र हैं।

हरफनमौला हैं संगीत के प्रेमी हैं,

सब के सब कलाकार और विचित्र हैं।


शिकायत व शिकवा अपना पहलू है,

नोकझोंक करना भी आदत में है।

मगर फिर भी दिल सभी के साफ हैं,

जो भी है सब मित्रों के स्वागत में है।


अगर देखना है हम सबके बीच में तो,

सार देखो..मित्र....चित्र....विचित्र हैं।

रहता है...आपस में बिछड़ने का गम,

बस हमारी यही धारणा पवित्र है।


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