STORYMIRROR

Dr Rakesh R Mund

Abstract

2  

Dr Rakesh R Mund

Abstract

बारिश की बूंदे

बारिश की बूंदे

1 min
54

गिरती हुई बारिश के बूंदे   

शोर मचाती तेरा नाम लेके ,

होता है महसूस मुझे दूरियां   

जिन्दा हुॅ तेरा नाम लेके ....

कैसे समझाऊॅ मैं दिल को  

साथ होके भी तू पास नहीं, 

शरारत करने को तैयार है मन

फिर भी मौसम की आश नहीं ।।

        



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract