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Manjeet Kaur

Inspirational

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Manjeet Kaur

Inspirational

बापू, एक बार फिर आ जाओ

बापू, एक बार फिर आ जाओ

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अन्याय का है बोलबाला आज 

अत्याचार का है बोलबाला आज 

नफ़रत पसरी है चारों ओर

दुःख छाया है चारों ओर 

साम्प्रदायिकता का राज है फैला 

ऊँच-नीच का साम्राज्य है फैला

 बापू, फिर एक बार आ जाओ 

तुम राज कर रही धार्मिक कट्टरता 

आतंकवाद को मिल रहा बढावा 

अराजकता फैली है चारों ओर 

स्वार्थ धूम मचा रहा है चारों ओर 

नफ़रत का ज़हर है फैला 

भेद भाव का साम्राज्य है फैला 

बापू, फिर एक बार आ जाओ तुम 

हालात है बहुत बिगडे हुए आज

परिस्थिति है बहुत गम्भीर आज

ज़रूरत है समाज को बापू की आज

गाँधीवाद, समाजवाद का ही सहारा आज

मानवतावाद है जीवन का सम्बल आज

उदारवाद अपनाकर बदलाव आयेगा आज

बापू, फिर एक बार आ जाओ तुम 

बुराई को जीतें भलाई से हम 

घृणा को जीतें प्रेम से हम

असत्य को जीतें सत्य से हम 

हिंसा को जीतें अहिंसा से हम 

शत्रुता को जीतें मित्रता से हम

बापू, फिर एक बार आ जाओ तुम बापू, 

फिर एक बार आ जाओ तुम।



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