STORYMIRROR

Dheeraj kumar shukla darsh

Abstract

4  

Dheeraj kumar shukla darsh

Abstract

बांग्ला नववर्ष

बांग्ला नववर्ष

1 min
266

नववर्ष बांग्ला का आज

आया खुशियाँ लेकर

कहते हैं एक दूजे को

शुभो नोबो बोरसो

गौ की पूजा करते


बड़ो का आशीष लेते

मेले का आयोजन

आज के दिन है होता

राधाकृष्ण मुर्ति को 


घर में स्थापित करते

एक साथ सब इनकी

पूजा है लोग करते

एक परंपरा और है

आज के दिन यहाँ


लोग पुआल को जलाकर

गतवर्ष के कष्टों की

इसमें आहुति देते

वैशाख माह को ये

बहुत शुभ है मानते

नववर्ष बंगाल का

शुभकामनाएँ हम हैं देते।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract