बाल दिवस
बाल दिवस
जब बच्चों के शिक्षा और अधिकार की बात आती है।
चाचा नेहरू की छवि सर्वप्रथम नजर आ जाती है।
बाल दिवस क्यूं मानते हैं
इसके पीछे जवाहर नेहरू जी क्यूं खड़े नजर आते हैं
इसके पीछे आपको कविता पढ़ना होगा
नेहरू जी के किए गए राष्ट्रीय कार्य और परित्याग को बारीकी से समझना होगा
14 नवंबर 1844 को जवाहर नेहरू जी ने जन्म लिया था
भारत राष्ट्र में विकास के नए सूर्य का जैसे उदय हुआ था
बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू जी बुलाते थे
राष्ट्र की सच्ची ताकत व राष्ट्र की नीव और धरोहर भी कहलाए थे
चाचा नेहरू जी की मृत्यु के पश्चात
अब दिव्य पुरुष को खोने के पश्चात
हम चाचा नेहरू जी की जयंती के रूप में बाल दिवस मनाते हैं।
इस दिन सभी नन्हे मुन्ने बच्चे करुणा और स्नेह से भरे गीत गाते हैं।
जवाहर लाल नेहरू जी की स्मृति में गौरवमयी गाथा और नाट्य नृत्य मंच भी प्रस्तुत करते है
जवाहर लाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कहलाए थे
हर बच्चे के मुख पे मधुर मुस्कान बनके प्रसन्नता से छाए थे
चाचा नेहरू ने सदैव बच्चो को भारत का भविष्य माना था
सही दिशा में उनका लालन पालन हो ऐसा उन्होंने ठाना था
बच्चो की उच्चतम शिक्षा और अधिकार के लिए नेहरू जी सदैव आवाज उठाते थे
राष्ट्र के विकास हेतू सबसे पहले बिगुल बजाए थे
राष्ट्र के प्रधानमंत्री होने के बावजूद भी राष्ट्र के चाचा नेहरू कहलाए थे
चाचा जी ने प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधकीय संस्थान जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना भी की
चाचा जी ने बच्चों के उच्चतम शिक्षा और मानसिक विकास के लिए कई स्कूल व योजना भी पारित की
बाल दिवस के दिन बच्चो में गिफ्ट भी बांटे जाते है
स्कूल और मदरसों में भी रंगाराम कार्यक्रम प्रस्तुत भी किए जाते हैं।
नेहरू जयंती कहे या बाल दिवस
यह राष्ट्रीय त्यौहार बच्चो को समर्पित है
चाचा नेहरू जी हर बच्चे के हृदय में स्नेह व सम्मान के साथ अंकित है
बच्चो के मानसिक और शारीरिक विकास पर विचार विमर्श जरूरी है
बच्चो में प्रतियोगिता और स्पर्धा होना भी उनके भविष्य हेतू जरूरी है
बच्चों की क्षमता और प्रतिभा को बढ़ावा मिले इसलिए यह राष्ट्रीय त्योहार भी जरूरी है
बाल श्रृम एवं बाल शोषण जैसे गंभीर मुद्दों पर हमे विचार विमर्श करना होगा
पंडित जवाहरलाल नेहरू के पद चिन्हों पर हम सभी देशवासियों को चलना होगा
पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को हर बाल दिवस पर याद किया जाएगा
उनके किए गए राष्ट्रीय कार्य को सदैव ही याद किया जाएगा।
