और पास आने दो
और पास आने दो
सतरंगी उजाले में
उनकी ही खयालों में
मुझको डूब जाने दो
और पास आने दो l
रात की तन्हाइयां
चांदनी का नूर
उनकी ही यादें
उनका ही सुरूर
मुझको रूठ जाने दो
और पास आने दो l
आने से उनके
रौशन हुई मन की गली
शबनमी एहसास से
फूल बनी एक कली l
भ्रम के उस भंवर में
मुझको बह जाने दो
और पास आने दो
और पास आने दो l

