STORYMIRROR

Minakshi Prakash

Inspirational

4.0  

Minakshi Prakash

Inspirational

अस्तित्व की बूंद

अस्तित्व की बूंद

1 min
188

गिरो, गिरो उस 

बारिश के

बूंद की तरह ,

जो गिरने के बाद भी

धरती के जेहन को 

ठंडक पहुंचती है ll

लड़ो, लड़ो अपने अस्तित्व के लिए

उस पतझड़ की तरह

जो आँधियों से भी 

बेहिचक टकराती है ll



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational