अच्युतं केशवं
Abstract
कब नदी की धार रोकी है,
नदी के कूल ने।
क्या परीक्षा तितलियों के
प्यार की ली फूल ने।
अनुभवों ने सीख के
दीपक जलाये ही रखे,
जिंदगी ने पूर्णता मानी
सदा ही भूल में।
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
इन्द्र के घमंड के प्रहार में, कंस मामा के संहार में, इन्द्र के घमंड के प्रहार में, कंस मामा के संहार में,
रेज़ा-रेज़ा होने लगा अब एतबार अपना, इस दौर के लोग क्यों ऐसे अनमने हुए हैं। रेज़ा-रेज़ा होने लगा अब एतबार अपना, इस दौर के लोग क्यों ऐसे अनमने हुए हैं।
हाँ अपने वतन की ये जान है तिरंगा आन बान शान है ये अपना तिरंगा... हाँ अपने वतन की ये जान है तिरंगा आन बान शान है ये अपना तिरंगा...
मैं चाहता हूँ! उनको यह कह न पाता था, लेकिन वो बिना कुछ कहे भी जानते थे । मैं चाहता हूँ! उनको यह कह न पाता था, लेकिन वो बिना कुछ कहे भी जानते थे ।
तुमसे अच्छा कौन जहां में, जिसको लें हम अपना मान। तुमसे अच्छा कौन जहां में, जिसको लें हम अपना मान।
हम डट जाएंगे, हम मिट जाएंगे, बात आए जो सम्मान की। हम डट जाएंगे, हम मिट जाएंगे, बात आए जो सम्मान की।
जश्न एक दिन का मनाओ ना मनाओ तो कोई बात नहीं, जश्न एक दिन का मनाओ ना मनाओ तो कोई बात नहीं,
एक ख्वाब में गुमशुदा रात बेमंजिल सफर सी लगती है। एक ख्वाब में गुमशुदा रात बेमंजिल सफर सी लगती है।
उनके साथ पल दो पल बिताने मिल जाते उनके साथ पल दो पल बिताने मिल जाते
जब भी बाजारों में घूमो सभी जगह पाओगी हिंदी। जब भी बाजारों में घूमो सभी जगह पाओगी हिंदी।
प्रगति की राह में रोड़े खड़ा कर सकता है। प्रगति की राह में रोड़े खड़ा कर सकता है।
न्योछावर है प्राण है जिसका दीवाना सारा जहान न्योछावर है प्राण है जिसका दीवाना सारा जहान
कन्या रूप स्वयं देवी का हर बालक श्री राम है । हर रज कण चन्दन सा पावन शोभा अमित कन्या रूप स्वयं देवी का हर बालक श्री राम है । हर रज कण चन्दन सा पावन श...
ध्यान से जुड़ता है आत्मा से संवाद, खो जाता है मन उलझन अवसाद। ध्यान से जुड़ता है आत्मा से संवाद, खो जाता है मन उलझन अवसाद।
कुछ सीख लो हमसे भी ऐ अमीर लोगों। जीते हैं बदहाली में हम, लेकिन मस्त हैं। कुछ सीख लो हमसे भी ऐ अमीर लोगों। जीते हैं बदहाली में हम, लेकिन मस्त हैं।
फर्क महसूस करना होगा आज़ादी जो मिली है फर्क महसूस करना होगा आज़ादी जो मिली है
नदियों को जहां देवी माना पत्थर है जहां पूजे जाते नदियों को जहां देवी माना पत्थर है जहां पूजे जाते
बनाने हिंदी को राष्ट्रभाषा, हिंदुस्तानी हो रहे अधीर। बनाने हिंदी को राष्ट्रभाषा, हिंदुस्तानी हो रहे अधीर।
मन की खुशी वस्तु नहीं अनुभूति है ये अनुभूति ही हमें खुशियाँ देती हैं। मन की खुशी वस्तु नहीं अनुभूति है ये अनुभूति ही हमें खुशियाँ देती हैं।
उस अटल सत्य की खोज हेतु आत्मचिंतन आवश्यक है! उस अटल सत्य की खोज हेतु आत्मचिंतन आवश्यक है!