अंततः वही मोक्ष पाता है
अंततः वही मोक्ष पाता है
खुद को सार्थक कर्मों में बांधना बड़ा मुश्किल होता है ,
परोपकार का धर्म साधना उससे कहीं मुश्किल होता है !
इंसान बन जीना भाग्य, दयालु बनना अति सौभाग्य है ,
दुर्गती से जीना दुर्भाग्य परमगति को पाना अहोभाग्य है !
सारे कष्टों का आना जाना इस जीवन में ही भोगना है ,
सात्विक जीवन मरण ही सत्य है, मन को समझाना है !
माता-पिता भाई बहन सब एक ही परिवार के अंग हैं ,
कोई विपदा न आ पाएगी, अगर आपके अपने संग हैं !
ये जीवन एक दिवास्वप्न सा सदा भ्रमित करता रहता है ,
नित नवीन तृष्णा में चंचल मन को भटकाता फिरता है !
कामनाओं का वृहद संसार सबको बड़ा ही भरमाता है ,
मन को जो वश में कर पाए, अंततः मोक्ष वही पाता है !
