अनजाना सा प्यार
अनजाना सा प्यार
#SMBoss
अनजाने सफर का अनजाना सा प्यार,
बचपन से पचपन का सफर।
यूं तो अभी-अभी "उस इश्क़" का एहसास हुआ था,
ना जाने कैसे उस दिल में कोई जा बसा था।
यूं तो ख्वाहिश थी उम्र भर साथ चलने की,
पर नज्म-ए-शहर के "उस इश्क़" से
अब कोई दूर जा रहा था।
वर्षों बीत गए "उस इश्क़" के दीदार को,
कल वो तस्वीर हाथ में लिए हुए
यूं ही मुस्कुराए जा रहा था
ढलती उम्र "उस इश्क़" का शिकार कर रही थी शायद,
जेहन से आज कोई "उस इश्क़" की
तस्वीर भी मिटाए जा रहा था।

