Kaushal Kumar Pandey
Romance
निकल पड़े अनजान सफर पर आज तुम्हारे साथ प्रिये हम।
बाल मनोविज्ञा...
मानो या न मान...
फिर भी मैं पर...
बीती रात कमल ...
अनकहे रिश्ते
अनजान सफर
बरगद की छांव
जिंदगी खेल नह...
क्या यही प्या...
बिन फेरे हम त...
प्यार में खाकर ठोकर नहीं सुधरे हम तुम क्या सुधार लोगे हमें देके गम। प्यार में खाकर ठोकर नहीं सुधरे हम तुम क्या सुधार लोगे हमें देके गम।
जिंदगी की सांसे ठहर गई आंखों से आंसू बह गए I जिंदगी की सांसे ठहर गई आंखों से आंसू बह गए I
खुशबू की तरह समाई तू ज़िंदगी में, तुझे चाहने को दिल मजबूर है। खुशबू की तरह समाई तू ज़िंदगी में, तुझे चाहने को दिल मजबूर है।
घनघोर घटायें देख-देख, सावन का महीना बीत गया। घनघोर घटायें देख-देख, सावन का महीना बीत गया।
तुझे जितना याद करता उतना मेरा प्यार निखर जाता है II तुझे जितना याद करता उतना मेरा प्यार निखर जाता है II
मुस्कुराने की वजह मिल गई, अपनी मोहब्बत का, इजहार करना चाहता हूँ। मुस्कुराने की वजह मिल गई, अपनी मोहब्बत का, इजहार करना चाहता हूँ।
छटपटाहट एक दूजे की इस कदर होती है, हर दम बेचैनी का आलम रहता है, छटपटाहट एक दूजे की इस कदर होती है, हर दम बेचैनी का आलम रहता है,
थोड़ा आपकी सुरूर छा जाया करते हैं, धीरे-धीरे राज से पर्दा हटा करते हैं, थोड़ा आपकी सुरूर छा जाया करते हैं, धीरे-धीरे राज से पर्दा हटा करते हैं,
यादों के गलियारों में जब जब जाती हूँ। तेरी यादों के संग संग मैं मुस्काती हूँ।। यादों के गलियारों में जब जब जाती हूँ। तेरी यादों के संग संग मैं मुस्काती हूँ।...
तेरा प्यार खींच रहे मुझको अब मौत भी लगती भली, तेरा प्यार खींच रहे मुझको अब मौत भी लगती भली,
झूठ के आईने में दुनिया दिखा रही तस्वीर तेरी बेवफाई की। झूठ के आईने में दुनिया दिखा रही तस्वीर तेरी बेवफाई की।
रास्ते में इक हसीना ने , जगाए ख़्वाब कुछ। भावनाएं ही सही, मन को मिला है अपार सुख।। रास्ते में इक हसीना ने , जगाए ख़्वाब कुछ। भावनाएं ही सही, मन को मिला ...
क्या समझी नहीं मेरी गुप्तगू मैं कहता हूँ जो मुस्काकर। क्या समझी नहीं मेरी गुप्तगू मैं कहता हूँ जो मुस्काकर।
हम दोनो ठीक वैसे ही हैं जैसे जमीं और आसमान हैं। हम दोनो ठीक वैसे ही हैं जैसे जमीं और आसमान हैं।
मूँद लेता हूँ जब आँखें अपनी झलक अपनी दिखला जाते हो। मूँद लेता हूँ जब आँखें अपनी झलक अपनी दिखला जाते हो।
मंजिलें दूर गई, सभी सुनहरे ख्वाब कहीं छूट से रहे हैं मंजिलें दूर गई, सभी सुनहरे ख्वाब कहीं छूट से रहे हैं
फूल सदाएँ देते हैं हर बार उसे मैं ले जा सकता हूँ दरिया पार उसे। फूल सदाएँ देते हैं हर बार उसे मैं ले जा सकता हूँ दरिया पार उसे।
बांध लेती हो मुझको तुम प्यार से अपनी उन बांहों में, बांध लेती हो मुझको तुम प्यार से अपनी उन बांहों में,
बहुत जतन किए मगर वह आती नहीं कोई ख़बर भी उनकी अब आती नहीं बहुत जतन किए मगर वह आती नहीं कोई ख़बर भी उनकी अब आती नहीं
चलो हम तुमसे किया वादा निभाते हैं तुम्हे लेकर सपनों की दुनिया में जाते हैं। चलो हम तुमसे किया वादा निभाते हैं तुम्हे लेकर सपनों की दुनिया में जाते हैं।