STORYMIRROR

Aradhana Mishra

Classics

3  

Aradhana Mishra

Classics

अक्सर

अक्सर

1 min
411

अक्सर,

अकेली होती हूँ मैं।


अपने ख़्याल,

अपने जज़्बातों की,

एक पक्की सहेली होती हूँ मैं।


कोई सुलझा ही नहीं पाता, 

ज्यादातर एक उलझी हुई, 

पहेली होती हूँ मैं। 


अक्सर, 

अकेली होती हूँ मैं। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics