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Deepti Khanna

Classics

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Deepti Khanna

Classics

अक्ल से काम ले

अक्ल से काम ले

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ब्रह्मांड के भेद,

समझो ना एक आखेट,

सूझबूझ लगाओ तब

समझ में आए

ये जीवन के भेद।


रत्नगर्भा ना हो किसी

विपत्ति से तू,

किसी वस्तु को समझने में,

आती है कठिनाइयाँ भरपूर।


अक्ल से काम ले,

चल अपनी राह,

लक्ष्य दूर नहीं तू पाएगा

आज या कल उसका साथ।


अज्ञान की चादर,

अपने लोचन से हटा,

बस अक्ल से काम ले और

अपनी सूझबूझ बढ़ा।


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