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Praveen Gola

Romance

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Praveen Gola

Romance

अजनबी

अजनबी

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अजनबी तेरे नाम से ,आज भी धड़कता ये दिल ,

तन्हाई में कभी तो तू ,एक बार मुझसे से आके मिल।

वो मोहब्बत की सारी बातें निराली ,मासूम थीं मगर थीं प्यारी ,

उन बातों में खोकर ही दिल ने ये जाना ,बड़ा दर्द देता अजनबी से दिल लगाना।

तेरी हर बात पर करके भरोसा ,हमने खुद को तेरे आगे परोसा ,

तूने खाया आधा या पूरा दीवाने ,तेरी मस्ती में खोकर ये दिल कुछ ना जाने।

ओ अजनबी तेरी बातों की गर्मी ,करनी पड़ी हमको भी बेशर्मी ,

सारी सारी रात तेरे संग हम जागे ,हजारों किये थे तब झूठे वादे।

अजनबी के संग ये दिल लगाना ,होता बड़ा सच में महंगा फसाना ,

इसलिये जब भी कोई अजनबी मुस्कुराये ,समझ लेना तुमको भी ना अब नींद आये।|


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