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Vimla Jain

Romance

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Vimla Jain

Romance

अजनबी जो जान से प्यारा हो गया

अजनबी जो जान से प्यारा हो गया

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सोचा ना था कभी ऐसा भी होगा।

पढ़ाई की बात करते-करते तुमसे फोन पर मुलाकात होगी।

और दूसरे दिन तुम्हारे आने की बात होगी।

तुम थे मेरे काका की पसंद कब तुम मेरी पसंद बन गए मुझे पता ही नहीं चला।

एक अजनबी से मुलाकात हुई।

मुलाकात से फिर बात हुई

जब तुम मिले हमसे

एकदम अजनबी थे

मगर एक ही क्षण में इतने प्यारे लगने लगे।

इतने अपने लगने लगे।

कि अजनबीपन तो कहीं भाग गया

और सबसे अपने लगने लगे।

और वह एक ही क्षण अपना जिंदगी भर का प्यारा साथ बन गया।

और हमारी जिंदगी गुलजार करता गया।

है ईश्वर से यही प्रार्थना यह साथ हमारा हमेशा ऐसे ही रहे।

जीवन के आखिरी सांस तक इस जीवन में तुम्हारे साथ जिंदगी यूं ही कुछ गुलजार होती रहे।



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