Vikram Tomar
Romance
एक अजनबी सी शाम में जो तू करीब से मेरे गुज़र गया
आँखों के रस्ते आ कर सीधा रूह में उतर गया,
चन्द बूंदें ओस की आ कर रुकी थी तेरे चहरे पर ,
लब मुस्कुराये कुछ इस अदा से जो जहाँ था वहीं ठहर गया....
मुलाक़ात लिख ...
अजनबी इश्क
क्या वो तुम थ...
जब पहली बार उससे मिली थी धड़कनें काफी हद तक बढ़ रही थी। जब पहली बार उससे मिली थी धड़कनें काफी हद तक बढ़ रही थी।
एक भोलेपन की अदा के साथ कहा था आ दिल की धड़कन सुन एक भोलेपन की अदा के साथ कहा था आ दिल की धड़कन सुन
सौंप दिया इस जीवन को हे प्रिय! तुम्हारे हाथों में। उत्थान,पतन अब जो भी है, सब कुछ तुम् सौंप दिया इस जीवन को हे प्रिय! तुम्हारे हाथों में। उत्थान,पतन अब जो भी है, सब...
डूबी रहो मेरे ख्यालों में अकेली रहकर। तुम्हें सोने न दे मेरी मुलाकातें रातों में डूबी रहो मेरे ख्यालों में अकेली रहकर। तुम्हें सोने न दे मेरी मुलाकातें रातों ...
सच कहा है किसी ने ओ संग दिल! कि मुहब्बत कभी भी नहीं मरती है। सच कहा है किसी ने ओ संग दिल! कि मुहब्बत कभी भी नहीं मरती है।
वक्त ने कुछ इस तरह सितम ढ़ाये तुम किसी और की हो गयीं। वक्त ने कुछ इस तरह सितम ढ़ाये तुम किसी और की हो गयीं।
जीवन की ये डगर अनोखी , तुम संग बीते हँसते गाते। जीवन की ये डगर अनोखी , तुम संग बीते हँसते गाते।
शब्दों के सागर में गोते लगाता हूँ..! कुछ पंक्तियाँ कविताओं की ढूंढ लाता हूँ..!! शब्दों के सागर में गोते लगाता हूँ..! कुछ पंक्तियाँ कविताओं की ढूंढ लाता हूँ.....
कोई दिल मे उतर जाए, उसे फिर क्या कहा जाए। कोई दिल मे उतर जाए, उसे फिर क्या कहा जाए।
एक आहट सी हुई किसी के आने की जैसे साँसो में घुल सी गयी किसी की खुशबू जैसे एक आहट सी हुई किसी के आने की जैसे साँसो में घुल सी गयी किसी की खुशबू जैसे
प्रेम के तुम सौदागर बन गुमराह करते क्यूँ हमदम। प्रेम के तुम सौदागर बन गुमराह करते क्यूँ हमदम।
आवरण मुख से' अपने हटालो प्रिये, मैं निरख रुप, तृष्णा बुझाता रहूँ । आवरण मुख से' अपने हटालो प्रिये, मैं निरख रुप, तृष्णा बुझाता रहूँ ।
तेरे हुस्न का गम्माज तेरी प्यारी सी आंखें। तुझ पे हैं जा निसार तो दिलदार तो होगा। तेरे हुस्न का गम्माज तेरी प्यारी सी आंखें। तुझ पे हैं जा निसार तो दिलदार तो ह...
कुछ तुम मुझको अपना दे दो, कुछ तुम मेरा हिस्सा ले लो। कुछ तुम मुझको अपना दे दो, कुछ तुम मेरा हिस्सा ले लो।
सुनो प्रिय जबसे हमसफर बनी हो, खुशियों की बरसात होने लगी है. सुनो प्रिय जबसे हमसफर बनी हो, खुशियों की बरसात होने लगी है.
पाया था तुझको खुद को भुला कर तुझको हँसाया था खुद को रुला कर। पाया था तुझको खुद को भुला कर तुझको हँसाया था खुद को रुला कर।
प्यार किया है अगर तो जाता भी दो, कुछ कमियां हो मुझमें अगर,तो बता भी दो. प्यार किया है अगर तो जाता भी दो, कुछ कमियां हो मुझमें अगर,तो बता भी दो.
बरसात हो रही हो किन मिन सी हल्की सी रोशनी मद्धम सा अंधेरा आधी ढली हुई सी शाम। बरसात हो रही हो किन मिन सी हल्की सी रोशनी मद्धम सा अंधेरा आधी ढली हुई स...
सौगन्ध है तुम्हें ! अब जाना नहीं वरना बह जायेगी ये समस्त दुनिया। सौगन्ध है तुम्हें ! अब जाना नहीं वरना बह जायेगी ये समस्त दुनिया।
चांद सितारे खेले जिसमें माँ ऐसी अंगनाई हैं। चांद सितारे खेले जिसमें माँ ऐसी अंगनाई हैं।