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Indu Mehta

Abstract

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Indu Mehta

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ऐ रंग वाले

ऐ रंग वाले

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ऐ रंग वाले सुना तेरे पास कई रंग है

तेरे रंगों का सुन के होते सभी दंग हैं

ऐ रंग वाले क्या तेरे पास ऐसा रंग है,

जो लगते ही दिल को दिलों से मिला दे

जो मन में मोहब्बत के फूल खिला दे


ऐ रंग वाले क्या तेरे पास ऐसा रंग है,

जो लगे तो ना रहे हिंदू मुसलमान

सभी बन जाएं यहां बस इंसान


ऐ रंग वाले क्या तेरे पास ऐसा रंग है

जो लगे तो दिलों से हवस को मिटा दे

जो सभी के दिलों में इज्जत जगा दे


ऐ रंग वाले क्या तेरे पास ऐसा रंग है ,

जो बिखरे हवा में तो बदले हवाएं

नफरत सभी की मोहब्बत बन जाए


ऐ रंग वाले जरा जल्दी करना मां है बुलाती

बड़ी अच्छी लगती जो पानी में भिगोकर है रोटी खिलाती

मुझे है पता वो छुप कर कहीं पर आंसू बहाती

भूख नहीं कहकर वह खुद भूखी सो जाती


ऐ रंग वाले तेरे रंगों से मैं दुनिया बदल दूंगी

हां वादा है मेरा मैं पैसे कल दूंगी।


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