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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

अहले वतन

अहले वतन

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हे मेरे अहले वतन, तू मेरी जान है

तू सदा खिलते रहे, तू मेरी शान है


जितनी मोहब्ब्त खुद से करता हूँ

उससे ज्यादा मैं वतन से करता हूँ


हे मेरे प्यारे वतन, तू मेरी मुस्कान है

हे मेरे अहले वतन, तू मेरी जान है


तू रौशन है तो लगता मैं रौशन हूं

हे मेरे सुरीले वतन, तू मेरा गान है


हे भारत माँ तू पूरे मुल्क की माँ है,

हे भारत माँ, तू सबकी पहचान है


तेरी माटी से बनी, जिस्म की खान है

हे मेरे अहले वतन, तू मेरी जान है


जैसे चिड़िया को प्यारा आसमान है

वैसे ही सबका प्यारा ये हिंदुस्तान है


यहां चैनोमन की नदियां बहती रहे,

चाहे इसके लिये देंगे, अपनी जान है


हे मेरे अहले वतन, तू मेरी जान है

तुझसे ही मिला जीने का वरदान है



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