अच्छा सुनो ना तुम सब (एक नहीं भेजा हआ खत)
अच्छा सुनो ना तुम सब (एक नहीं भेजा हआ खत)
अच्छा सुनो ना तुम सब
एक बार फिर मिलते हैं ना
तुम वापस पुराना किरदार लेके आना
हमारी मुस्कुराहट साथ लेकर
ज़माने से थोड़ा वक्त चुरा के आना।।
हमारे बीते पलों से कुछ किस्से कहानियां ले आना
एक बार फिर तुम सिर्फ हमारे बनकर आना।।
फिर शायद मुलाकात का बहाना ना रहे
खामोशियां लेकर हम होके भी अधूरे ना रहे।।
हम कुछ पल फिर जी लेगे
और वापस ज़माने के हो जाएंगे
आज के किस्से कल को
फिर पुराने हो जायेगे।।
फिर यूं ही याद आए कभी तो
फिर आना किरदार बनके
हम फिर पुराने रास्तों से होकर गुजरेंगे
वापस उनकी जान बनके।।

