Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Abstract

3  

Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Abstract

अभी तो

अभी तो

1 min
11


जीत तो अभी बाकी है

गीत तो अभी बाकी है

चला अभी तो एक क़दम,

अभी तो पूरा जहाँ बाकी है

कुछ सिक्के मिलने से,

कुछ सपने पूरे होने से,

सारी जिंदगी नही मिली है,

अभी तो आसामां बाकी है

तू चलता चल,अपना कर्म करता चल,

अभी तो चलना सफर में,

बहुत ही लम्बा साथी है

क्षणिक सफलता से,

थोड़ी सी खुश्बु से,

ज्यादा खुश हो मत,

अभी तो पूरा बाग बाकी है

जीत तो अभी बाकी है

गीत तो अभी बाकी है

अभी तो चलना आग में,

तू सोना करामाती है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract