STORYMIRROR

Dr Mahima Singh

Classics Inspirational

4  

Dr Mahima Singh

Classics Inspirational

आयी पावन शिवरात्रि

आयी पावन शिवरात्रि

1 min
385

शिवरात्रि में हर घर गुंजे 

 हर हर महादेव।

कर शिव शंकर का,

पूजन हर तन मन 

हैं आनंदित, है आह्लादित।


आयी पावन शिवरात्रि 

 घर-घर गूंजे बम बम भोले।

आया पावन पर्व नाचे गाए

 पुरवाई सुहानी ले के संदेश आयी।


करेंगे शिवार्चन भोले को मनाएंगे

करेंगे पावन रूद्र अभिषेक 

ताजे फलके रस से,

हल्दी से, कुमकुम से, घृत से,

भस्म से, भंगिया से करुंगी,

अर्चन भोले का। 


होगा फूलों का सिंगार,

 सज जाएंगे भोले बाबा

 मेरे देखेगा संसार।

गौरा को मनाएंगे

 सुहाग पिटारी चढ़ाएंगे।

अटल सुहाग का वर मांगेंगे,

गौरा खुश हो जाएंगी,

 झोली भर आशीष 

बरसाएगी हम भक्तों पर।


 मां की कृपा मिल जाएंगी।

 जीवन सफल हो जाएगा,

 शिवरात्रि का यह पावन पर्व 

भोले बाबा गौरा को ले आएगा।


हृदय के निलय बाबा रहते हैं,

जो भी मांगो भोले बाबा,

झट दे देते हैं अरे भोले 

से भोला ना देव कोई।


हर हर महादेव बोल रहा हर तन मन 

शिव शंकर महादेव भोला महादेव।

भोले नाथ को पाने का है पवित्र पर्व।

पहन मृगछाला, हाथों में डमरूविराजे,


गल सर्पों की माला, भोले बाबा ने आसन लगाया,

भोले संग गौरा सोहे,

मैं तो मां ग आयी अटल सुहाग।

भोले भक्तों का कल्याण करें 

आयी पावन शिवरात्रि।

भोले भक्तों का कल्याण करें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics