आस में विश्वास
आस में विश्वास
आस में विश्वास है
ज़िंदगी कभी टुकड़ों टुकड़ों में
बड़ा ही तोड़ देती है
क्या चल रहा है जीवन में
यह सोचने का नया मोड़ देती है...
कहे क्या और किससे बोले
भला कौन यहाँ समझता है
इस पत्थर की दुनिया में
बस दिखावा ही बिकता है.
हकीकत इस जहाँ की ऐसी
बड़ा हताश कर देती है
कितना जोश भरता है कोई मन मे
उसे भी यह निराश कर देती है
न जाने कितनी जिंदगियां
हर रोज़ यू ही कुर्बान होती है
कोई बेचता है भावनाओ को
तो कहीं जवानी नीलाम होती है
जिस पर बीतती है
बस वही जानता है
बाकी तो कौन यहाँ
किसे पहचानता है
सबको लगता है, की हँसने वाले
बहुत ही ज़्यादा खुश होते है
पर कहा वे जानते है
अकेले में छिपकर कितना ये रोते है..
मुस्कुराहट तो होंठो की,बस पर्दा है
कुछ ज़िंदगी के जख्म उससे छिप जाते है
किसी दिन खोलेंगे किताब अपनी
पर ज़ख्म फिर हरे हो जाते हैं..
जीवन का सफर है कुछ ऐसा ही
पर हाथ धरे बैठ नही सकते
रोती है आंखे तो बहने दो आँसू
कभी मगर
हौंसला हम छोड़ नहीं सकते...
हालात क्या है, कुछ भी तो नही
बादल है यह,इन्हें तो हटना होगा
हम भानु,भास्कर, आफताब है
भला हमे तो हर दिन जलना होगा
परिस्थितियों ने चाहे, बहुत हमे तोड़ा हैं
लगता है कभी की,कहीं का नही छोड़ा है
ऐसे खतरनाक मोड़ो पर भी जीवन के
इस पीड़ा को हमे सहना होगा
अपने मात पितु,गुरुवर की खातिर
दर्द के कड़वे घूँट भी हमको पीना होगा
लाचार ज़िंदगी मे हल कोई होता नही
आशावादी के लिये तो
अमृत, खुद हलाहल हो जाता है
अगर समर्पण हो सन्कल्प में मीरा जैसा
तो जीवन भी
अवश्य सफल हो जाता है
अवश्य सफल हो जाता है
Never Give up
प्यारे साथियों आप को आशावान रहना बहुत ज़रूरी है।
हम सभी के जीवन मे कई तरह की चुनौतियां है।
ऊपर से दुनिया और समाज के ताने आये दिन हमें
विचलित करने का प्रयास करते रहेंगे...
जीवन का सफर लंबा है, अतः
यह पंक्तियां सदा आपका साथ निभाती रहेंगी...
