आप और हम
आप और हम
आप और हम, एक संगीत,
मेल मिलाप की एक भावना।
जीवन के सच को जानें,
प्यार के आगे अब कुछ नहीं |
आप और हम जीवन के सच,
इस विश्व में हमारा आधार।
हम रूपांतरण के साथ चलते हैं,
अनुभवों से जीवन को पलते हैं।
सुख-दुख, खुशियाँ और गम,
हम हम झेलते हैं इसे साझा |
हम जीवन की एक कहानी हैं,
संघर्षों से भरी ये ज़िन्दगानी हैं।
हम सपनों के पंखों पर उड़ते हैं,
हकीकत के अच्छे और बुरे दिनों से गुजरते हैं।
मिलते हैं हम सभी संगीत में,
मिलकर देते हैं संगठित व अद्यतित संकेत।
इस सृजनशील विश्व में हम बढ़ते हैं,
समस्याओं से नई दिशाएँ तलाशते हैं।
हमारी कविता बनती है एक तारीख़,
जहां आप और हम अपनी पहचान बढ़ाते हैं।
हर बिंदु पर आदर्श दिखाएं,
सत्य के रास्ते पर चलते जाएं।
आपस में प्रेम और समझदारी,
बनाएं एक खुशहाल विश्वसृष्टि।
बिना भ्रम और माया के,
सत्यता के धार को पाएं।
मानवता की बढ़ती हर शक्ति,
प्रकाशित कर जीवन को भर जाएं।
सत्यता, न्याय और अमानुष रहित,
हम बनाएं सच्ची मानवता की मिसाल।
आप और हम जीवन के सच,
सुनहरे भविष्य की रचना करेंगे हम सब।
आपसी विश्वास और सहयोग,
आनंद और खुशियों का स्रोत।
बढ़ाएँ स्नेह की विभोरता,
भाईचारे को नई पहचान बनाएं।
विद्या, ज्ञान और उत्कृष्टता,
मानवता की प्रगति की पथशाला।
आपस में संगठित और योग्य,
जीवन को आगे बढ़ाते हम सब।
हम एक दूसरे के साथी,
दरिया बनकर बहते जाएं।
मजबूत हों एक-दूजे के साथ,
हर मुश्किल को पार करते जाएं।
