STORYMIRROR

AkshT@poetry ..

Tragedy Thriller

4  

AkshT@poetry ..

Tragedy Thriller

आखरी दिन

आखरी दिन

1 min
279

ज़िन्दगी का आखरी दिन आना है 

 हमारे सपनो का हमें ही गाना, गाना है 

पूरे कर लो काम जो तुम्हें अधूरे छोड़े है 

रो लो थोड़ा और क्युकी आँसू अभी बाकि है 

एक आखरी बार याद कर लो उसे , जिसे ज़िन्दगी भर न भुला पाए 

एक आखरी बार थैंक्यू बोल दो उसे , जिसे ज़िन्दगी भर न कह पाए 

कह दो सॉरी अपनी गलतियों के लिए 

 फिर कभी न कह पाओगे 

एक बार जो कह दिया, तो ऊपर चेन से सो पाओगे 

एक तरफा याद कर कर के जिसे तुमने ज़िन्दगी भर याद रखा 

सोचो जरा की क्या वो कभी तुम्हारा हो सका 

सवाल कई सारे है 

इनके जवाब अभी भी बाकि है 

ज़िन्दगी निकल गई इन जवाबों को ढूंढते ढूंढते 

आखरी दिन आ गया लेकिन ये सवाल अभी भी बाकि हे 

 ठुकराओ कितना भी लेकिन सच हे की तुम्हारा आखरी दिन आ गया है 

तुम्हारा इस दुनिया छोड़ने का वक्त आ गया हे 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy