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Rupesh Kumar

Abstract

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Rupesh Kumar

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आजादी के झंडे

आजादी के झंडे

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आजादी के झंडे को हम,

आत्मविश्वास से फहराएंगे,

जीवन की उपलब्धियों को हम,

देश के नाम करायेंगे,


संविधान के अनुच्छेदों को,

शब्द-शब्द हम देश के काम लाएंगे,

आजादी के लहू को हम,

जीवन भर याद रखेंगे,


26 जनवरी को शपथग्रहण कर,

सविधान की लाज बचायेंगे,

आजादी के वीर सपूतों को हम,

जिंदगी भर यादों मे समेट कर रखेंगे,


अंग्रेजो के काले कारनामें,

कभी ना हम भूल पायेंगे,

जीवन भर की लालसाएं,

भारत माँ के चरणों में लौटाएंगे,


माँ भारती को सोने की चिड़ियाँ,

फिर से हम बनायेंगे,

आतताइयों की बदसूरती से,

सदा भारत माँ को बचाएंगे,


लालकिले पर गणतंत्र का,

झंडा हम लहराएंगे,

अपने आजाद भारत का हम,

सविधान कभी ना भूल पायेंगे,


विश्व का सबसे बड़ा लिखित सविधान का,

गौरव हम हमेशा बढ़ाएंगे,

448 अनुच्छेद, 12 अनुसुचियां, 25 भाग को,

और 5 परिशिष्ठ को 

हमेशा जीवन में अपनाएंगे,


हम अपने भारतीय संविधान को,

दुनिया मे श्रेष्ठ बनायेंगे,

248 सदस्यों की महान पोथी में वर्णित 

विश्व के श्रेष्ठतम नियमों को अपनाएंगे,


मेरा अपना भारतीय संविधान ,

2 साल 11 महीने 18 दिन मे,

बनके जो तैयार हुआ है,

उसकी हम लाज बचायेंगे,


भारत के वीर शहीदों का,

खून से लथपथ धरती माँ का,

गाँधी, भगत, सुभाष, चंद्रशेखर का,

जीवनचरित्र ना भूल पायेंगे,


आजादी के दीवानों मे,

लाल, पाल, बाल से लेकर,

उधम सिंह, राजेन्द्र, पटेल, शास्त्री का,

हमेशा नाम उचाईयों पर ले जायेगें,


वीर शिवाजी,लक्ष्मीबाई, सावरकर, वीर कुंवर,

का नाम कभी ना,

मिटने देंगे और ना मिटायेगे,


आजादी के पावन अवसर का,

धर्म, कर्म, सिद्धांतो से,

अपने सविधान को,

पूरे विश्व मे हमेशा,

सर्वश्रेष्ठ बनायेंगे !


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