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Asha Jakar

Abstract

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Asha Jakar

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आज होली खेलें अपने आंगन में

आज होली खेलें अपने आंगन में

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आज होली खेलें अपने आंगन में

रंगों का त्योहार मनाएं फागुन में


टेसू के रंग यूँ बरसाए,

तन मन पीला हो जाये

ईर्ष्या - नफरत दूर रहे,

मन प्रेम से भर भर जाए

 रिश्तो के फूल खिलाए गुलशन में

 आज होली खेले अपने आंगन में


हरा रंग हम ऐसे बरसाए ,

कण-कण हरियाली होजाए

जन-जन की भूख मिटे ,

 घर पर खुशहाली आजाए

मेहनत के फूल खिलाए उपवन में

आज होली खेलें अपने आंगन में


वंशी कीतुम तान सुनाओ,

राधा बन हम रंग बरसाएं

रंग पिचकारी भर भर के ,

मन का सार संसार लुटाएं

हम तुम दोनों रास रचाए मधुबन में

आज को खेलें अपनी आंगन में।


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