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Kanchan Prabha

Abstract

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Kanchan Prabha

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आई सुहानी होली

आई सुहानी होली

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आज आई है सुहानी होली

सबके होठों पर मीठी बोली

आज सब मदहोश हुये हैं

बच्चे बुढ़े और जवान


मीठे मीठे पकवानों से

आज सजी हुई दूकान

भर भर बाल्टी रंग घोल

करने लगे सब हल्ला बोल


कोई गजरे अगर गली से

डाले उस पर रंग के गोले

होली है भाई होली है

होली है सब हल्ला बोले


देवर से भाभी घबराये

शाली जीजा से छुप जाये

सजनी को मारे पिचकारी

भींगी सूरत भींगी साड़ी


खूब सुहाने चेहरे लगते

बिन मेकअप के कितने सजते।


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