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Asha Jaisinghani

Inspirational

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Asha Jaisinghani

Inspirational

आई रे आई बसंत बेला

आई रे आई बसंत बेला

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बाग के बंसत 

नई रितु का आगमन

खुश हो जाओ खेतिहरों

अब मिलेगा तुम्हें 

भरपूर लाभ


कुछ सपने हो जाएंगे पूरे 

कुछ सपनों को 

करना पड़ेगा 

अगले बरस का इंतजार


क्या ये काफी नहीं कि 

कि मुनियां ने मागें थे

दो लहंगा चोली

पर तुम 

खरीद सकते हो 

एक लहंगा चोली


हाँ मुन्ना मुन्नी की 

सालभर की फीस का

इंतजाम हो गया 


बाबूजी का इलाज

अच्छे डाक्टर से करा लूँगा

मूनिया की माँ की 

पाजेब फिर। रह जाएगी 


कोई बात नहीं

वो समझती है

अभी जिम्मेदारियाँ है

बाद में जी लेंगें 


अपने लिए,

अपनी खुशी के लिए

अगर उपरवाले ने उम्र

बख्शी तो..।


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