STORYMIRROR

Asha Jaisinghani

Inspirational

4  

Asha Jaisinghani

Inspirational

आई रे आई बसंत बेला

आई रे आई बसंत बेला

1 min
446

बाग के बंसत 

नई रितु का आगमन

खुश हो जाओ खेतिहरों

अब मिलेगा तुम्हें 

भरपूर लाभ


कुछ सपने हो जाएंगे पूरे 

कुछ सपनों को 

करना पड़ेगा 

अगले बरस का इंतजार


क्या ये काफी नहीं कि 

कि मुनियां ने मागें थे

दो लहंगा चोली

पर तुम 

खरीद सकते हो 

एक लहंगा चोली


हाँ मुन्ना मुन्नी की 

सालभर की फीस का

इंतजाम हो गया 


बाबूजी का इलाज

अच्छे डाक्टर से करा लूँगा

मूनिया की माँ की 

पाजेब फिर। रह जाएगी 


कोई बात नहीं

वो समझती है

अभी जिम्मेदारियाँ है

बाद में जी लेंगें 


अपने लिए,

अपनी खुशी के लिए

अगर उपरवाले ने उम्र

बख्शी तो..।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational