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Asha Jaisinghani

Abstract

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Asha Jaisinghani

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भैया मेरे

भैया मेरे

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बंधंन मेरे प्यार का 

लायगा रंग ज़रूर

ना जाने ये क्या हो गया 

किसकी नज़र लग गई

हमारे प्यार को 

तुम नाराज हो बरसो बरस

तुम इतने तंगदिल तो कभी न थे

सच बताना 

 हर राखी सुनी कलाई देखकर 

 तुम्हारी रूलाई फुटती होगी, ज़रूर

बस ,अब बहुत हो गया

इस रक्षाबंधन मै आ रही हूँ

चाहे , जितना डाँट दो 

चार थप्पड़ भी मार लो

ये अबोला

हर हाल में मुझे 

खत्म करना है

मेरे भाई!

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