STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

2  

J P Raghuwanshi

Inspirational

"आह्वान"

"आह्वान"

1 min
126


हे! मानव तू कब से कमजोर हो गया,

तेरा वह शौर्य, पुरुषार्थ कहां खो गया।


तू ने ही उड़ाई थी, मुगलों की नींद,

तू ने ही तो पाई थी, फिरंगियों पे जीत।


उठ, पराक्रम कर, नया कीर्तिमान रच,

तू है, वीर पराक्रमी, यही तेरा सच।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational