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Prem Thakker

Romance

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Prem Thakker

Romance

आ जाना दिकु

आ जाना दिकु

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सुनो दिकु......


कभी तुम्हें गम सताये 

तो आ जाना

कभी मेरी यादें चिल्लाए

तो आ जाना


कभी दिख जाए परछाई में चेहरा मेरा

कभी याद आये तुम्हारे लिए वो रात का पेहरा मेरा


कभी आखों में नींद ना आये 

तो आ जाना

कभी दर्द आखों से मुस्कुराए

तो आ जाना


जानते है बहुत ही साहसी हो तुम

अपने चेहरे की उदासी बखूबी छुपाती हो तुम


कभी यह मुस्कुराहट साथ छोड़ जाए

तो आ जाना

प्रेम आज भी वहीं खड़ा है तुम्हारे इंतज़ार में

कभी तुम्हारा सब्र अपनी सीमा तोड़ जाए 

तो आ जाना।



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