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ये मेरी तुम्हरी कहानी,बस एक दास्ताँ या कुछ और भी
ये मेरी तुम्हरी कहानी,बस एक दास्ताँ या कुछ और भी
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© Harsh Gupta

Romance

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जब मै तुमसे पहली बार सड़क पे मिला था तो मुझे बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की तुम मेरी ज़िन्दगी बन जाओगी, तुम बहुत ही  सधारण सी लड़की थे मेरे जैसे लड़के के लिए, जो बिलकुल मस्त मौला बंदा था,जो  हँसता था और लोगो को हँसाता रहता था,मै तुम्हारे घर के बाहर  एक पता ढूंढ रह था Iतुम अपनी बालकनी मे खड़ी थे ,मैंने तुमसे पता पूछा इशारो में,तुम सीडियो से नीचे आई और मुझे पता बताया, तुम्हारे बाल तुम्हारे सर के पीछे बन्दे हुए थे, तुमने ग्रे कलर की टी शर्ट और कला पजामा पहना हुआ था.

तुमने कभी मुझसे हमेशा ज़िन्दगी भर साथ रहने को नहीं कहा,पर जो भी तुमने मेरे लिए किया, अपने घर वालो के खिलाफ जाना उनसे मेरे लिए लड़ाई करना, मेरे लिए कुछ  ऐसा एहसास था जिसे मैं  कभी नहीं  भुला सकता था,तुम्हारी मेरी मीठी-मीठी यादो की जो पूरी पोठरी मेरे अस पास घूमती सी रहती है, हिन्दू में  एक रीती रिवाज़ होता है करवाचौथ, जिसमे एक पत्नी अपने पति की लम्बी उम्र के लिए  एक दिन उपवास ररखती है, हम शादी शुदा नहीं थे उसके बाद भी मेरे लिए हर साल वो फ़ास्ट रखना मेरे लिए सम्मान था, एक वादा था मेरा तुमसे की चाहे कैसे भी परिस्थति हो , चाहे कुछ भी हो जाये मैं तुम्हारा साथ नहीं छोदूंगा,चाहे कुछ भी हो जाये ये हाथ मैंने थम है, ये हाथ नहीं छोदूंगा. PS:आई लव यू.

मैंने अपने आप को पूरी तरह से बदला दिया था, मेरा ज़िन्दगी के लिए नजरिया मेरा सोचने का तरीका मेरे जीवन का लक्ष्य, मेरे खाने का तरीका,मेरा रुखा सा सवभाव, मैंने लड़कियों के साथ बातें तक करना तक छोड़ दिया था, क्या ये प्यार जैसा कुछ एहसास था, या बस मेरा फितूर, हा लड़कियों से बातें  करना छोड़ना थोड़ा शॉकिंग था . मतलब कोई लड़का ऐसा कैसे कर सकता है अपनी लाइफ मै, मेरा कपडे पहने का तरीका, ये कुछ ऐसा एहसास था मनो लगता हो की मै गलियो का शाहरुख़ खान बन गया हू.मै बस एक बात जनता था, चाहे कुछ हो जाये बस तुम्हे खुश कर दू, बस तुम्हारी चेहरे बस एक मुस्कान ला दू, लगता की मेरे पूरे  दिन की थकान मिट जाती थर, जब रात को बस २ मिनट के तुम्हे देखने आता था तुम्हारी गली, और हॉर्न बजा के तुम्हे इशारा करता था बहार आने का, और तुम बाहर अपने बाल ठीक करते हुए बहार आती, बस  मै तुम्हे देखता रहता, तुम्हारी मेरी आँखे मिलती और मेरी सारी बातें  तुमसे हो जाती, तुम घर के फर्स्ट फ्लोर पे खड़ी होती  और मै नीचे स्कूटी पे बैठा होता, और बस हमरी इशारो में बातें स्टार्ट हो जाती, बस फिर कोई देख ना ले, जल्दी से भागना पड़ता था मुझे| और फिर सुबह ४ बजने का इंतज़ार करना, की सुबह सुबह घर से दौड़ने के बहाने निकलना, और फिर तुम्हे देखने आना, मै हमेशा जल्दी से बाहर चुप के खड़े हो जाता तुम्हारे घर के, की कही कोई मुझे देख ना ले, तुम जब बाहर अंगड़ाई  लेती हुई बाहर आती  बस तुम्हे ऐसे चुपके से देखने के लिए मै एक सुबह क्या हर सुबह आने को अपनी ज़िन्दगी बिता दू.और फिर से हमारी इशारो  मै बातें शुरू  हो जाती, बातो से ज्यादा मेरा ध्यान बस तुम्हे देखने मै लगा रहता था.

मैंने हमेशा से अपने दिल की सुनी, जो मेरे लिए सबसे ज्यादा जरुरी बात थी  

पर पता नहीं अचानक से क्या हुआ, बिना किसी सी कारण के ऐसा मुझे लगता है, क्यूंकि हमारे बीच के चीज़े बिलकुल अछी चल रही थी,पता नहीं क्यों  तुम मेरे साथ ऐसे रूखे सी होने लगी, पंजाबी मै इसे कहते है ओखी होना, पता नै क्यों तुम मुझसे ओखी होने लगी ,और जब मैंने थोड़ा पता किया तो तुम मुझसे  किसी दूसरे लड़के के लिए जूठ बोलने लग गयी थी, हा मै जानता हू की तुम्हे अपनी ज़िन्दगी के फैसला लेने का १००% पूरा  हक़ है| तुम जो चाहे अपनी ज़िन्दगी मै कर सकती हो,मैंने कभी तुम्हे ऐसा करने सी रोक भी नहीं था|

इसके आलावा सबसे दुःख देने वाली बात मेरे थी तुम्हारा  मेरा व्यवहार करना, कम से कम इतना तो में लायक नहीं था, तुमने सबके के सामने मेरी बेज़ज़्ज़ती कर दी, तुमने सबके सामने मुझे इतने गंदे शब्द बोले, कम से कम इतना तो मै गिरा हुआ नहीं था,वो भी बस एक नए लड़के के लिए,कम सी कम अपने दोस्तों के सामने मुझे सम्मान तो दे देती, मेरा हाथ तो थाम लेती, मै बहोत दूर से आया था, बहुत  थक गया था, बस एक गिलास पानी तो पूछ लेती, ये तो पूछ लेती की मैंने खाना खाया की नहीं, इसके बावजूद मैंने तुम्हारे लिए चोकलेट भिजवाई थी तुम्हारे हॉस्टल में, जब नीचे धुप मै बैठ हुआ तुमहरा इंतज़ार कर रहा था,तुम जानती थी, मै अपने काबू से बाहर चले जाता हू जब बात तुम्हारी होती है,तुम जानती हो मुझे काबू में करना,तुम जानती थी मै अपने ज़ज़्बातो में काबू नहीं कर पाता,क्यूंकि सब बर्बाद हो गए था उस समय तुमने मुझे धोखा दिया, मेरे ज़ज़्बातो से खिलवाड़ किया,मुझे बहुत दुःख हुआ, मेरे भी आँसू आए , क्यूंकि मै तुम्हे बहुत प्यार करता था.   पर जब मुझे एहसास हुआ की तुम्हे सच मै तुम्हारी कमर मै दर्द था, तो मैंने सबके सामने तुमसे माफ़ी भी मांगी, पर तुमने मेरी एक न सुनी, और मुझे बेगानो के बीच अकेला कर दिया.बस एक बार सीने से लगा कर तो देखती, पता चलता की मै बस चीखता ही नहीं हू, तुमसे बेइन्ताह मोहब्ब्बत भी करता हू, बस एक मेरा हाथ थाम तो लेती,

आज कल कोई रिश्ता टूटना एक आम सी बात है, बस एक बार अपने सच्चे दिल से साफ़ साफ़ मुझे बोल  देती की मुझे अब किसी और से प्यार है, यु पीछे से खंजर क्यों खोप दिया |

मै सोचता हू की आपका पहला प्यार सच मै आपका आखरी प्यार होता है, क्यूंकि ये एक बचपने की तरह होता है,जिसे आप अपनी ज़िन्दगी मै कभी नहीं  भुला सकते है,कोई भी परफेक्ट नहीं होता, ना मै ना तुम, पर इसे परफेक्ट बनाते है मेरे तुम्हारे बीच का ये प्यार, मेरे तुम्हारे बीच का ये विश्वास.  जो की कहानी की सबसे जरुरी बात है. मेरे अंदर का विश्वास आज भी मुझसे पता नहीं  क्यों ये कहता है तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकती हो, मेरे आस पास  के लोग , मेरे दोस्त मुझसे कहते है की ये तेरा बस लाइफ का  छोटा सा चैप्टर है,  एक बुरा सपना बना कर भूल जा, पर मेरे लिए ये कुछ ऐसा है जैसे १०० बार अछी बातें बताये जाने के बाद भी मै उस एक जूठ के साथ अपनी पूरी ज़िन्दगी बिताना चाहूँगा  |

teri meri kahani

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