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niranjan niranjan

Abstract

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हिन्दी मेरा अभिमान

हिन्दी मेरा अभिमान

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हिंदुस्तान मेरे प्राण, हिंदी मेरी जान है।

मेरा मान, मेरा सम्मान, मेरा अभिमान है।


हिंदी मेरी राष्ट्रभाषा है, मेरी मां के समान है।

हिंदुस्तान और हिंदी की, सारे जग में पहचान हैं।


सीधी है, सरल है, प्यारी है, हमको प्यार में बांधे रखती है।

हे हिंदू राष्ट्र वालो, हिंदी का सम्मान करो।


मत भूलो हिंदी को, हिंदी पर अभिमान करो

हमारी संस्कृति, हमारी भाषा, हम सब की पहचान हैं।


हम गर्व से कहेंगे, हिंदी हमारी भाषा है।

आओ मिलकर संकल्प लें ,हिंदी को नहीं भूलेंगे।


हे अभिलाषा मेरी यही, हो जाऊं कुर्बान में हिंदी पे।


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