STORYMIRROR

Akash Jadhav

Abstract

2  

Akash Jadhav

Abstract

पता चला है आज कि

पता चला है आज कि

1 min
150

पता चला है आज कि, तेरे दिल में गम भी है

सुन ले एक राज मेरा, दिल के टूटे हम भी हैं

दर्द है चुभन है, आँख मेरी नम भी है

धूप है छांव है बारीशें बेमौसम भी है

शोलों से भरे जीवनपथ पे हलकी सी शबनम भी है

किसी मोड पे आ मिलोगे शायद ये वहम भी है

पता चला है आज की तेरे दिल मे गम भी है

सुन ले एक राज मेरा दिल के टूटे हम भी हैं!

                       


Rate this content
Log in

Similar marathi poem from Abstract