सपना
सपना
सपना एक होनहार और काबिल छात्रा थी। सभी शिक्षक उसकी तारीफ करते नहीं थकते। वह साधारण परिवार से थी। सपना के पिता जी टायर पंचर बनाने का काम करते थे। वह पिता की इकलौती पुत्री थी।
पिता जी को जब सपना पंचर बनाते देखती तो उसके आँखों में आँसू आ जाते थे।
समय गुजरता गया सपना का सपना साकार हुआ। सपना शिक्षक पात्रता परीक्षा क्वालिफाई कर वह अपने जिले के ही एक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नियुक्त हो गई।
उसके लिए यह बड़ी सफलता थी। पिता ने सपना की पढ़ाई में कोई कसर न छोड़ी थी।
प्रथम दिन सपना के विद्यालय में शिक्षकों द्वारा सम्मान समारोह रखा गया।
समारोह में सपना के पिता जी भी आए थे। सपना ने पिता के चरणस्पर्श कर कहा कि....पापा !आपकी वजह से ही मुझे यह उपलब्धि मिली। आप मेरे सबसे अच्छे पापा हैं।
खुशी के आँसू पिता की आँखों में साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। तालियों से विद्यालय गूँज उठा।
