सन उन्नीस सौ सैंतालीस
सन उन्नीस सौ सैंतालीस
सन उन्नीस सौ सैंतालीस था,
भारत का नया सवेरा था।
सदियों की बेड़ी टूटी थी,
आजादी का बस डेरा था।
तिरंगा ऊँचा नभ में लहराया,
हर दिल ने आज़ादी को पाया।
नई उम्मीदों का था सवेरा,
भारत बना अपना बसेरा।
वीरों ने दी अपनी कुर्बानी,
तब मिली हमको आज़ादी।
तिरंगा जब लहराया था,
भारत मुस्कुराया था।
सन 1947 का आया दौर,
खुल गए आज़ादी के द्वार।
लंबे संघर्ष के बाद में,
सन उन्नीस सौ सैंतालीस ।
