सिर्फ तुम
सिर्फ तुम
थी बेख़बर इश्क के नाम से भी मैं
मुझे इश्क सिखाया पहले तुम ही ने था
माना तेरे कंधे पर सर रखकर सोई थी मैं
मुझे सीने से लगाया पहले तुम ही ने था
कि हाँ थी बेकरार तुमसे मिलने को मैं
मेरे लबों को छुआ पहले तुम ही ने था
और हाँ छोड़ गई अगर कभी तेरा साथ भी मैं
याद रहे, मेरे हाथ से हाथ छुड़ाया पहले तुम ही ने था

