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मोहित शर्मा ज़हन

Drama Tragedy Classics

4  

मोहित शर्मा ज़हन

Drama Tragedy Classics

सीमान्त

सीमान्त

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नम्रता को उसके गायक पति शिबू भोला ने डेढ़ घंटे बाद फ़ोन करने की बात कही थी। बेचैनी में उसने जैसे डेढ़ घंटे के 5400 सेकण्ड्स पूरे होते ही शिबू को फ़ोन मिलाया। 

"हैलो !"

"हाँ हैलो...अभी गाड़ी में हूँ..."

...पर नम्रता को उस सब से कहाँ मतलब था। शिबू की आवाज़ से वो भांप भी चुकी थी कि कॉल जारी रखने से कोई परेशानी नहीं होगी। 

"क्या रहा?"

"हाँ, मेरे साथ 2 रिकॉर्डिंग करेंगे ये लोग।"

नम्रता चहक उठी। काफी समय से खाली और परेशान चल रहे शिबू को एक बार फिर काम मिल गया था। 

कुछ देर बाद शिबू की तेज़ आवाज़ सुनकर नम्रता बाहर आयी। शिबू अपनी बेल्ट से गेट के गार्ड को बुरी तरह पीट रहा था। गार्ड अपने रेडियो पर शिबू का ही मशहूर गाना सुन रहा था। नम्रता और ड्राइवर ने उसे रोका और अचानक इस गुस्से का कारण पूछा। शिबू भोला किसी बच्चे की तरह ज़मीन पर बैठकर रोने लगा। 

शिबू - "7 एल्बम आ गयी हैं! लेकिन बारह साल से सब $@#&*# बस एक हिट "चाइना की चुन्नी" गाना सुने जा रहे हैं और हर जगह मुझसे गवाए जा रहे हैं। ढाई सौ गाने रिकॉर्ड रखे हैं, उन्हें कोई म्यूजिक प्रोडूसर नहीं खरीदता। आज भी चाइना की चुन्नी के 2 रीमिक्स की रिकॉर्डिंग की डील मिली है। 7 रीमिक्स पहले ही हो चुके हैं। मन किया सूअरों को वहीं मार दूँ। फ़िर याद आया तू जो झूठा हँसते हुए इन्वेस्टमेंट, कूपन-डिस्काउंट फलाना की बातें करती है ना...वो साल-दो साल पहले तक तुझे पता भी नहीं था क्या होते हैं। तेरी झूठी हँसी में ढका दर्द हर रात मेरे सीने पर आ जाता है, फिर मैं करवट तक नहीं ले पाता। आज से 50 साल बाद कोई कहेगा की एक-दो गानों पर पूरी ज़िन्दगी रोटी खा गया...गाने तो मैं हज़ार बनाता पर दुनिया ने उस एक-दो के आगे कुछ सुनना ही नहीं चाहा..."


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