मोहबब्त
मोहबब्त
तेरी मोहब्बत में हमें पुरी दुनिया को भूलना था। कुछ सपने देखे थे इन आँखों में जिनको हकीकत बनाना था। कुछ कहना था तुमसे , कुछ तुम्हें समझना था। जो दिल ने ही रह गई बातें, वो तुमको बताना था। जो सपने दिखाया था तुमने मुझे वो दिल में ही रह गया। वो सपने क्यों मुझे दिखाया था। जब जाना ही था तुम्हें छोड़ के , तो हमें तुमने क्यों अपनाया था, और तुम्हीं तो कहती थीं। तुमसे ही शुरू हुए साँसे, अब तुझ पे ही खत्म होगी। ये जिंदगी रहे या न रहे , हमारी मोहब्बत हमेशा रहेंगी। अब देखो ना , ज़िंदगी तो हैं लेकिन मोहब्बत नहीं है..?
तेरी यादें तो हैं लेकिन तू नहीं है।
तुम्हारी पल भर की मोहब्बत के लिए हमने अपना सब कुछ गंवा दिया, मैंने अपने जीवन को तेरे नाम कर दिया ,
लेकिन चलो कोई बात नहीं.....
तुमने अपना दिल बहला लिया, हमें अपनी जिंदगी से भुलाकर....।
आज अधूरा हूँ, अधूरी है मेरी बाते......।।

