STORYMIRROR

सुषमा शैली

Drama

3  

सुषमा शैली

Drama

महान गरिमा

महान गरिमा

1 min
443

बहुत शीघ्र ही अपने क्षेत्र में यश कीर्ति का परचम लहराने वाली गरिमा फूली नहीं समा रही थी। नए वृद्धाश्रम एवं अनाथालय के उद्घाटन समारोह से अभी वो घर पहुँची ही थी कि मोहल्ले के कई परिचित जन उसे बधाई देने घर आ पहुँचे, गरिमा ने बड़े प्यार सम्मान से सबको बिठाया।

गरिमा की माँ चाय-नाश्ता लेकर आती है। सब बधाई देकर जाने लगते हैं तो, मृदुभाषी गरिमा की तल्ख़ आवाज़ जाते हुए पड़ोसियों के कानों में पड़ती है"माँ बाहर से अभी तक कपड़ें नहीं उतारे गए तुमसे ! और हाँ कल की मीटिंग के लिए जो साड़ी प्रेस करने के लिए मैंने कहा था तुमने किया कि नहीं, पता नहीं सारा दिन क्या करती रहती हो !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Drama