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KAVI SHREE MARUTI

Abstract

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KAVI SHREE MARUTI

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मेरे पापा मेरे हीरो

मेरे पापा मेरे हीरो

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आज से बाइस साल पहले मेरा एक मध्यम परिवार मे मेरा जन्म हुआ था। बडे लालन पालन से मेरा उछेर किया गया था। बाद मे अच्छी पाठशाला में अच्छी शिक्षा दिलाई थी। बचपन की क्या बातें करुँ ! मेरे साथ खेलने,घुमने, साथ रहने वाले और सहपाठी के साथ मूजे ऐसा महेसूस नही हूआं की मै निम्न परिवार का बच्चा हूं ? ये सन्मान मेरे पापा की वजहों से मीला था !

चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियों क्यूँ न हो !

मेरे साथ मेरा उतम मित्र था 'मेरे पापा' आज मैं जो कुछ भी हूँ मेरे पापा की भलाई से हूूं !

कभी दिन हो रात हो या सुबह शाम मेरा सखाा मेरे साथ साथ है मेरे पापा !

स्कूल के बाद कोलेज में भी मेरी शिक्षा बहूत बढ़िया संंस्था इन्जीनियर की पाठाइ की आज

मे बडी फेकटरी मेे जीम्मेदार ऑफिसर हूूं।

बचपन से आज तक मेरा एक क्रम बन चूका है -

सुबह मे सबसे पहले माता- पिता की चरणरज या ने पांव पड़ना है।

आखिरी संंदेश मेरा ये रहेगा 

" मेरे पापा मेरे हीरो है !"


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