मेरा तलाक और वो.....
मेरा तलाक और वो.....
चार साल की लंबी लड़ाई के बाद हमारा तलाक हो गया । तलाक के कागज लिए मैं कोर्ट से बाहर आई तो देखा। मेरे पति कोर्ट के सामने लगे एक चाय के ठेले के पास अकेले बैठे हुए थे, पता नही क्यो मैं भी उनके बगल में जाकर बैठ गई । उन्होंने मेरे बिना पूछे चाय वाले से दो कडक अदरक वाली चाय बनाने को कहा । वो अच्छे से जानते थे कि मुझे अदरक वाली चाय बेहद पसन्द है। थोडी देर बाद मैं सरक कर उनके नजदीक जाकर बैठ गई । काफी देर की चुप्पी के बाद मैंने पूछा "आप दवाई तो रोज ले रहे हो ना।"
उन्होंने कुछ नही कहा बस सर हिला दिया. और हमारे बीच फिर वही खामोसी छा गई ।
थोडी देर बाद वह स्वयं बोले कि डॉक्टर ने कहा है कि "अब मेरे पास ज्यादा से ज्यादा एक साल बचा है, अगले हफ्ते से मुझे कीमोथेरापी के लिए बुलाया है...।”
उनके यह शब्द सुनकर मैं कुछ पल के लिए मानो कोमा में चली गई।
उन्होंने कहा कोर्ट ने ”मुझे तुमको आठ लाख रुपये देने कहा है अभी तो मेरे पास नही है
तुम कृष वाला फ्लैट ले लो। और सोने के जेवर भी भानू की शादी में काम आएंगे । तुम्ही रख लेना, मैं अपना घर भी तुम्हारे नाम कर दूंगा । मेरे जाने के बाद वह भी तुम्हारा हो जाएगा।”
मैने कहा, ”चुप.. !अब अगर एक भी शब्द कहा, मैं आपको कही छोड कर नही जाने वाली ।
आप समझते क्या हैं सब आपके ही मन का होगा”, और जोर जोर से रोने लगी ।
मेरे आंसू देखकर मेरे पति भी फूट फूट कर रोने लगे और कहने लगे ”मुझे अकेले छोड कर मत जाओ, मैं अभी मरना नही चाहता "
पति के आंसू देखकर मैंने उन्हें गले से लगा लिया और मैं कोर्ट से ही सीधे अपने ससुराल आ गई..।
